
आंध्र प्रदेश में महिला गृहमंत्री
चंद्रकांत शुक्ला, रायपुरआंध्र प्रदेश की पहली महिला गृह की पहली महिला गृह मंत्री बन कर सबिता इंदिरा रेड्डी ने इतिहास रचा है.
मंगलवार को आंध्र प्रदेश में नई सरकार के मंत्रियों के विभाग के बंटबारे के समय सबिता रेड्डी को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया.
पिछले कार्यकाल के दौरान सबिता रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के कैबिनेट में खनन मंत्री रही थी.
वर्ष 1994-95 में आंध्र प्रदेश में एनटी रामा राव के कैबिनट में सबिता के दिवंगत पति इंदिरा रेड्डी गृह मंत्री थे.
सबिता रेड्डी इस बार माहेश्वरम सीट से चुनाव जीत कर विधान सभा में आई हैं.
वाईएसआर राजशेखर रेड्डी के नेतृत्व में पिछली सरकार के दौरान केजना रेड्डी गृहमंत्री थे लेकिन इस बार उन्हें कोई पद नहीं दिया गया।
वाईएसआर रेड्डी के कैबिनट में इस बार सबिता रेड्डी समेत छह महिला मंत्रियों को लिया गया है. इनमें से पाँच तेलंगाना इलाक़े से हैं.
डॉक्टर जे गीता रेड्डी को इस बार सूचना एवं जन संपर्क मंत्री बनाया गया है.
सबिता रेड्डी ने गृह मंत्री का पद मिलने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा, " मुख्यमंत्री ने महिलाओं की क्षमता और किसी भी क्षेत्र में उनके प्रदर्शन की ताक़त को पहचाना है."
उनका कहना था, "मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मुझे वह विभाग और पद दिया गया है जिसे मेरे पति पहले संभाल चुके हैं."
एक सवाल के जवाब में सबिता रेड्डी का कहना था कि राज्य में चरमपंथ की समस्या से निपटने के लिए वह कठोर क़दम उठाएगी.
किसी महिला को गृहमंत्री बनाने के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के क़दम का स्वागत करते हुए तेलगू देशम पार्टी की महिला इकाई की प्रमुख और फ़िल्म अभिनेत्री रोजा ने बताया, " मुझे उम्मीद है कि महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ गृहमंत्री ज़रुरी क़दम उठाएंगी."

आप को नहीं लगता "अंधा बांटे रेवडी ..... मुड़ मुड़ अपने दे ".................
ReplyDeleteस्वागत है पत्रकार जी !
ReplyDeleteइलेक्ट्रॉनिक पत्र लिखते रहें और फलें फूलें, यही कामना है।
दिगम्बर नासवा जी की बात से 100% सहमत हूँ।
अनुरोध यदि word verification रखा है तो हटा दें।
हिंदी ब्लॉगिंग जगत में आपका स्वागत है. हमारी शुभ कामनाएं आपके साथ हैं । अगर वर्ड वेरीफिकेशन को हटा लें तो टिप्पणी देने में सुविधा होगी आसान तरीका यहां है ।
ReplyDeletesarkar hee jab apni hai to ministry koi bhee ho kya fark padta hai. narayan narayan
ReplyDeleteआप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
ReplyDeleteचिटठा जगत मैं आप का स्वागत है
गार्गी
´स्त्री` पुरुश की सहचरी हैं। उसकी मानसिक शक्तियॉं पुरुश से कहीं भी कम नहीं हैं, उसे पुरुश के हर काम में हाथ बंटाने का हक है और आजादी का उसे उतना ही अधिकार हैं, जितना पुरुश को।
ReplyDeleteachhe shuraat hai aur jaahir hai ki virodh to hogaa hee....achha likhaa hai...
ReplyDeleteआपने अच्छा मुद्दा उठाया है
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